Thursday, April 9, 2009

ज़िन्दगी के फलसफ़े



आज ज़िन्दगी के कुछ नए सफ़े पढ़ने निकली हूँ.... कौन जाने किस वक्त कोई अपना बनकर हमें अलग राह दिखा जाए .. ! सोचा न था कि ज़िन्दगी के इस मोड़ पर एक नया एहसास जागेगा और एक नई राह मिलेगी....!

15 comments:

  1. दीप से दीप जलाते चलो...हम सब हर पल ज़िन्दगी के नित नए एहसासों से गुजरते हैं. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है.

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  2. बाँटी है जिसने तीरगी उसकी है बन्दगी।
    हर रोज नयी बात सिखाती है जिन्दगी।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
    कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  3. हाँ यही तो है जिंदगी
    आपका और आपके इस ब्लॉग का स्वागत है

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  4. आपके इस ब्लॉग का स्वागत है...

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  5. ब्लॉग जगत में मेरा अनुभव बहुत नया और सुखद है.
    @मीनाक्षी, मन की बात कहने की दिशा दिखा कर एक नई खुशी का एहसास जगा दिया.
    @सुमनजी,ज़िन्दगी के अनुभव आपसे बाँटूगी और कुछ सीखूँगी भी.
    @संगीताजी,दो ही शब्दों में अपनापन सा लगने लगा.
    @अनिलकांत शुक्रिया...बहुत कुछ जानने समझने को मिलेगा.
    @मिश्रजी, शुक्रिया..कुछ अपनी कहेगे और कुछ आपकी जानेगे.
    @द्विवेदीजी, शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद..उम्मीद है कि यह राह खुशियाँ भरी होगी आप सबके साथ .
    दीपा

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  6. hey mummy,
    You have written very nicely, sorry I dont know still how to write in english but I love what you are doing. Wish you all the best and keep writing the good things that you do.. you have a lot to share about life and experiences....
    luv
    Chandni

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  7. नमस्कार् माताजि

    बहुत् अछा लिखा आप्नॆ!!
    आप् कॆ अनुभव् सॆ हम् भि सिख् लॆगॆ!

    आपका पुत्र
    विवॆक्

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  8. नमस्कार् माताजि

    बहुत् अछा लिखा आप्नॆ!!
    आप् कॆ अनुभव् सॆ हम् भि सिख् लॆगॆ!

    आपका पुत्र
    विवॆक्

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  9. प्रिय बेता पद कर सुखद अनुभव हुआ सब कुछ अच्छ चल रहा है .बस शायद मन चान्दनी के बगैर खाली ही रहेगा मेरे इस कदम को पापा के अलावा आप दोनोँ णॆ ही समझा है शुक्रिया मेह्र्बानी आप्की दीपा

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  10. This comment has been removed by the author.

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  11. नमस्ते मम्मी,
    कैसी हैं आप ? आपको शुक्रिया करने इ ज़रोरत नहीं, मुझे आपको शुक्रिया करना चाहिए की अपने मुझपे विश्वास करके चांदनी की जिमेदारी मुझे दी है, आप और पापा खुश बिलकुल चिंता मत करो, हम दोनों खुश हैं और अछे से हैं.
    आपका पुत्र,
    विवेक

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  12. मिनाक्षी जी ने आपके ब्लॉग की राह दिखाई...आप का इस परिवार में स्वागत है...
    नीरज

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  13. हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है।

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